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Showing posts from September, 2015

हिंदी दिवस: अंग्रेजी बोल खुद तो आगे बढ़ोगे मगर देश को आगे न बढ़ा सकोगे।

अगर आपको भी छोटे लेख, स्टेटस, क्विक फैक्ट्स पढ़ अधूरी जानकारी जुटाने की आदत है तो इस लेख को पढ़ने के लिए आपको थोडा समय लेने की ज़रूरत है।  गत दिनों अपने भावी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का एक ट्वीट पढ़ा, जिसे पढ़ मन गर्व से सन गया। ट्वीट में इस बात का जिक्र था की आने वाले समय में डिजिटल मीडिया में तीन भाषाओं का दबदबा रहेगा, 1)अंग्रेजी, 2) चीनी, और तीसरा हिंदी। और यह ज़रूर होगा। दुनिया  16 प्रतिशत आबादी देने वाला भारत हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। भारत एक विविधता (diversity) पूर्ण देश है,  चाहे बात धर्म की हो या भूगोल की या बात हो भाषाओँ की। मैं इन सभी पहलुओं पर चर्चा करना चाहूँगा। सर्व प्रथम धर्म की, हमारे देश में जितने प्रकार के धर्म, मजहब,जातियां, संप्रदाय हैं इतनी किसी अन्य देश में नहीं इस कारण लोगों को जोड़ कर "रखना एंव रहना" कितना मुश्किल है यह आपको 'रहने' वाला माध्यम वर्ग का आदमी या 'रखने' वाला राजनीतिज्ञ(नेता) से बेहतर कोई और नहीं बता सकता। बात करते हैं भूगोल की, पूरब में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में रेगिस्तान, उत्तर में हिमालय की ब...