1993 मुम्बई बम धमाके में संदिग्ध याकूब मेमन को फांसी की सजा पर देश का रवैय्या देखे तो ... जिस तरह एक आतंकवादी पर देश बटाँ हुआ नज़र आ रहा है वैसा पहले कभी नहीं हुआ। इस पुरे घटना क्रम में 2 पहलु मुख्य है 1) राजनीती का 2) नैतिकता का राजनीती में कहा जाता है एक कुशल नेता वही है जो समस्याओं को हल न करे बल्कि समस्यां को पैदा करे। Aimim के प्रमुख एव वकील ओवैसी ने जिस तरह इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी उससे उनके कुशल नेता होना का पता चलता है....साफ़ है इन्हें अच्छी सहानुभूति हासिल होगी इस मसले में। ओवैसी साब का कहना है की याकूब को फांसी सिर्फ मुस्लमान होने की वजह और पोलिटिकल बैकग्राउंड न मिलने की वजह से हो रही.... उन्होंने यह तर्क रखा है की जब याकूब को फांसी हो रही तो बेअंत के हत्यारों, साध्वी प्रज्ञा, इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी क्यू नहीं दी जा रही? अरे जनाब आप तो दिल के बड़े साफ़ नेता लगते है जो खुल कर कानून का करने की बात कररहे है~ बाकियों को फांसी नहीं लगी तो याकूब को भी छोड़ दिया जाये... बहुत सही उत्तर प्रदेश में सपा सर्कार में नेता अबू आज़मी ने कहा...याकूब ने जांच एज...